Wednesday, 29 July 2020

जो मन में बनता है वही जीवन में बनता है।

मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मनुष्य के जीवन मे जो परिस्थियाँ जैसी हो यदि उसी रूप में लगातार देखने में आती है तो इंसान की रातों की नींद गायब हो जाती है। इसलिए कुछ ज्यादा ही वास्तविकतावादी लोग अधिकतर निराशा में जीवन जीने लगते हैं। अतः यदि खुद को स्थिति की वास्तविकता का बार-बार अनुभव कराते रहोगे तो वास्तविकता जैसी है वैसी ही रहेगी। वास्तविकता को यदि बदलना है तो कुछ कल्पनाशील बनो

     इसलिए कहा गया है कि " मानसिक दुनिया में जो  छोटे रूप से सृजित होता है,  वही भौतिक दुनिया में विशाल रूप में सृजित होता है।"👍












Students and bloggas

               

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मैं एक विद्यार्थी हूँँ।  मैं आपको  शिक्षा और  मेरी दिनचर्या अन्य सभी विषयो के बारे मे बताऊँगा। आप इसे जरूर पढे़।
   मैं अभी राज्य की राजधानी मे पढ़ रहा हूँ। मैं गाँव से एक मध्यम वर्गीय परिवार से आता हूँ। मेरे पिताजी एक किसान है।वे बहुत मेहनत करते हैं।
मैं हमारी आर्मी और देश से बहुत प्यार करता हूँ।मैं विज्ञान और  टैकनोलोजी को पसंद करता हूँ।
इसलिए जय किसान जय जवान जय विज्ञान जय अनुसंधान पर पूर्ण विश्वास करता हूँ                                                      
                                                                                   

शहर से गाँँव और किसान

मूँग का खेत मैं जब रक्षाबंधन के पर्व पर अपने गाँव गया तो वहां का माहौल बिल्कुल शहर से अलग था।यहाँ कोरोना से बचाव के साथ लोग काम कर रहैं हैं ...