मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मनुष्य के जीवन मे जो परिस्थियाँ जैसी हो यदि उसी रूप में लगातार देखने में आती है तो इंसान की रातों की नींद गायब हो जाती है। इसलिए कुछ ज्यादा ही वास्तविकतावादी लोग अधिकतर निराशा में जीवन जीने लगते हैं। अतः यदि खुद को स्थिति की वास्तविकता का बार-बार अनुभव कराते रहोगे तो वास्तविकता जैसी है वैसी ही रहेगी। वास्तविकता को यदि बदलना है तो कुछ कल्पनाशील बनो
Wednesday, 29 July 2020
जो मन में बनता है वही जीवन में बनता है।
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शहर से गाँँव और किसान
मूँग का खेत मैं जब रक्षाबंधन के पर्व पर अपने गाँव गया तो वहां का माहौल बिल्कुल शहर से अलग था।यहाँ कोरोना से बचाव के साथ लोग काम कर रहैं हैं ...
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. मैं एक विद्यार्थी हूँँ। मैं आपको शिक्षा और मेरी दिनचर्या अन्य सभी विषयो के बारे मे बताऊँगा। आप इसे जर...





Hi dosto kese ho aap sabhi
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